जब जब छात्रों की परीक्षा होती है शिक्षकों की छुट्टी होती है. दिनांक 7 मई 2017, NEET का एग्जाम और मेरी छुट्टी. थोडा विश्राम करने के ख्याल से हजारीबाग के नेशनल पार्क आया. यहाँ के शानदार वातावरण में सोचता रहा कि वो कौन कौन से गुण हैं जो छात्रों को सफल बनाते हैं . यह पोस्ट आपको अपने निष्कर्ष से परिचित कराने का प्रयास है: परीक्षा की समझ : सबसे पहले यह समझना होगा कि NEET क्वालीफाई करना बच्चों का खेल नहीं है . यह परीक्षा भारत में आयोजित की जाने वाली कठिनतम परीक्षाओं में से एक है. इस परीक्षा का कट ऑफ बहुत ऊपर जाता है. इसलिए इसमें क्वालीफाई करने के लिए बहुत मेहनत और वो भी तरीके से करने की जरूरत होती है. परीक्षा की तैयारी करने से पहले इस कठिनाई को समझने से छात्रों को मानसिक रूप से तैयार होने में मदद मिलती है. जब तक कोई भी मानसिक रूप से अपने आप को किसी कार्य को करने के लिए तैयार नहीं कर ले , तब तक उस कार्य के सिद्ध होने में संदेह रहता है. कई छात्रों को मैंने पांच पांच साल तैयारी करने के बावजूद भी असफल होते हुए देखा है. उनके बारे में विश्लेषण करने पर अक्सर मैंने यही पाया है कि ...
मैं डर जाता हूँ जब मैं सुनता हूँ कि कोई NEET की तयारी कर रहा है क्यूंकि यह परीक्षा भारत के कठिनतम परीक्षाओं में से एक है. इस परीक्षा में सफल होने वाले छात्रों का नामांकन विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में होता है जहाँ वे जिंदगी बचाने की तालीम हासिल करते हैं. ये छात्र डॉक्टर बनकर मानवता की अद्भुत सेवा करते हैं और शायद इसलिए इन्हे हमारे समाज में भगवान् का दर्जा दिया जाता है. यह परीक्षा तीन विषयों में छात्रों के ज्ञान का आकलन करती है. ये विषय हैं फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी. इस परीक्षा में सफल होने के लिए 65 से 70 प्रतिशत अंक हासिल करना होता है जो असंभव नहीं है पर मुश्किल तो जरूर है. इस साल की NEET परीक्षा 7 मई को होने जा रही है. अब परीक्षा में मात्र 12 दिन बचे हैं. स्वाभाविक है छात्रों की तैयारी अंतिम चरण में है और तनाव बढ़ता जा रहा है. इन आखिरी दिनों का सदुपयोग कैसे करें और कैसे ज्यादा से ज्यादा अंक हासिल करने का प्रयास करें इस सन्दर्भ में हमने फिजिक्स गुरु ई० एस ० मिश्रा से बातचीत की...